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समय का मूल्य

किसी शहर में एक छोटा सा परिवार रहा करता था। वह परिवार बहुत सुखी परिवार था । सभी लोग आपस में मिलजुल कर रहा करते थे। परिवार में कुल 5 सदस्य थे। सास ,ससुर, बेटा, बेटी और बहू। सास का नाम मीरा और उसकी बेटी का नाम कावेरी था और बहू का नाम सुनीता था। कावेरी और सुनीता को टीवी देखने और यूट्यूब पर वीडियो बनाने का बहुत शौक था। वे दोनों मिलजुल कर घर के काम किया करती और वीडियो बनाया करती। परंतु उनकी एक गंदी आदत थी जब वह टीवी देखनी पड़ती तो आसपास की सुध बुध भूल जाया करती थी। उन्हें यह भी याद नहीं रहता कि उन्होंने क्या काम करना है और क्या नहीं। मीरा को अपनी बहू और बेटी की यह आदत पसंद नहीं थी परंतु उनके वीडियो बनाने से अच्छी खासी आमदनी हो जाती थी जिसके कारण वह चुप रहती थी और सोचती थी चलो कोई बात नहीं जैसे भी है काम तो यह करती ही है साथ में कुछ ना कुछ कमाती भी है तो वह ज्यादा कुछ उनसे नहीं कहती थी। एक दिन मीरा सुबह को उठती है तो वह देखती है कि उसकी बेटी और बहू में से कोई भी नहीं उठा है। मेरा उन दोनों को आवाज है देती है लेकिन वह कोई जवाब नहीं देती हूं उन्हें ढूंढती हुई उनके कमरे में जाती है और देखिए कि भी सोई हुई है मैं उन्हें जगाती है तो दोनों अलसाती हुई उठती हैं। मेरा उन दोनों पर बहुत नाराज होती है और कहती है कि तुम दोनों समय देखो सुबह के 10:30 बज गए हैं और अभी तक कोई काम नहीं हुआ है ऐसे कैसे चलेगा उन दोनों को भी यह बहुत बुरा लगता है कि बहुत देर हो गई वह जल्दी जल्दी काम करने लगती है पर काम है कि खत्म होने को ही नहीं आ रहा यह देखकर वे दोनों चिड़चिड़ाने लगती हैं और आपस में ही लड़ने लगती हैं। तब मीरा उन्हें समझाती है कि अगर तुम समय से उठती तो ऐसा नहीं होता अब आपस में लड़ने से कोई फायदा नहीं कल से जल्दी उठा करना और समय से काम किया करना और थोड़ी बहुत सहायता मैं भी कर दिया। वे दोनों मीरा से माफी मांगते हैं और अगले दिन जल्दी उठने का वादा करती हैं और अब हर रोज सुबह जल्दी उठती है और समय से अपना सारा काम खत्म करके वीडियो भी बना लेती हैं।

हमें हमेशा समय की कद्र करनी चाहिए क्योंकि अगर हम समय की कदर नहीं करेंगे तो समय हमारी कद्र नहीं करेगा और हम पीछे रह जाएंगे।

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नौकरी वाली बहू

किसी शहर में एक शीला नाम की महिला रहा करती थी उसका एक भरपूर भरा पूरा परिवार था । उसके दो बेटे एक बेटी थी सब कुछ खुशहाल था वह अपने बड़े बेटे के लिए रिश्ता तलाश कर रही थी और वह चाहती थी कि उसे एक घरेलू पढ़ी लिखी लड़की मिले । वह अपने लड़के के लिए एक रिश्ता देखने जाती है वह लड़की नौकरी किया करती थी उसे लड़की पसंद आती है परंतु वह शर्त रखती है की लड़की शादी के बाद नौकरी नहीं करेगी । लड़की के माता-पिता यह बात मान लेते हैं उनका कहना था कि कोई बात नहीं हमें तो शादी करनी है अगर आपको नौकरी नहीं करानी तो ना सही। शीला के बेटे की शादी बड़ी धूमधाम से हो जाती है। नई बहू धीरे-धीरे अपने गुणों से सबका मन जीत लेती है। एक दिन वह अपनी सास से कहती है कि वह नौकरी करना चाहती है परंतु शीला मना कर देती है। वह कहती है कि मेरा बेटा और मेरे पति इतना अच्छा कमाते हैं हमें नौकरी की क्या जरूरत है तुम सिर्फ घर पर ध्यान दो और घर का काम करो क्योंकि नौकरी करने वाली औरतों के घर अच्छे नहीं होते हैं। नई बहू बेमन अपनी सास की बात मान लेती है कुछ समय बाद ही कोरोना के कारण शीला के पति की तबीयत खराब हो जाती है और उसे हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ता है बहुत खर्चा होता है । और उधर उसके बेटे की नौकरी भी कोरोना की वजह से प्रभावित होती है उसे काफी कम सैलरी मिलने लगती है घर की स्थिति बिगड़ने लगती है। तब शीला काफी परेशान होती है कि अब घर के खर्चे कैसे चलाए जाएं ।तब उसकी बहू उसके हाथ में कुछ पैसे रखती है और कहती है मां जी आप किसी बात की चिंता ना करें , तो वह अपनी बहू से पूछती है यह पैसे तुम्हारे पास कहां से आए? तब वह बताती है कि मां जी जबसे यह कोरोना आया है तब से काफी घरों में इसी तरह की परेशानियां हो रही है मैं यह सब खबरें अखबार और टीवी में देखा करती थी तो ऐसा ना हो कि हमारे घर में भी ऐसी स्थिति आए यह सोचकर मैंने ऑनलाइन क्लासेज देना शुरू कर दिया और इसी वजह से आज मैं थोड़े से पैसे इकट्ठे कर पाई हूं। यह सुनकर शीला की आंखों में आंसू भर आते हैं और वह अपनी बहू से क्षमा मांगते हुए कहती है कि मैंने बहुत बड़ी गलती की जो तुम्हे ना समझ पाई और तुम्हें नौकरी करने के लिए मना कर दिया आज से तुम नौकरी कर सकती हो।

हमें अपनी बेटी और बहू को कभी कम नहीं आंकना चाहिए और हमेशा उनका साथ देना चाहिए।

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